February 15, 2026

संत कबीर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल का शिलान्यास 5 को

वाराणसी,  जनवरी। एशिया का सबसे बड़ा अत्याधुनिक हॉस्पिटल का निर्माण वाराणसी काशी पंचकोसी परिक्रमा चतुर्थ पड़ाव शिवपुर बाबा पांचो पांडव के नगरी में बनने जा रहा है । यह सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री संसदीय क्षेत्र में वाराणसी जिले के शिवपुर स्थित 5 एकड़ भूमि कबीरचौरा मुलगादी का एक बड़ा भूमि का हिस्सा है । उसी भूमि पर भारतीय मूल आबू धाबी के उद्योगपति डॉक्टर बी .आर .शेट्टी एवं कबीर चौरा मठ मुलगादी के पीठाधीश्वर महंत आचार्य विवेक दास के बीच अनुबंध हुआ है । 5 फरवरी 2020 में हॉस्पिटल का शिलान्यास का समय रखा गया है। निर्माण कार्य जल्द ही पूर्ण कर लिया जाएगा। हॉस्पिटल में चिकित्सा सेवा कबीरदास के परिनिर्वाण दिवस 12 फरवरी 2022 से प्रारंभ हो जाएगी । फिलहाल 500 बेड का होगा । आगे भी बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। इलाज से संबंधित सभी सुविधाओं के अलावा एक हेलीपैड भी होगा ताकि एयर एंबुलेंस के लिए दूर ना जाना पड़े।

पीएम मोदी और डॉक्टर बीआर शेट्टी की मुलाकात के दौरान अबू धाबी में पीएम मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में चिकित्सा के क्षेत्र में कार्य करने को डा. बी आर शेट्टी को निमंत्रण दिया था। यहां ट्रामा सेंटर के साथ-साथ कैंसर सहित तमाम बीमारियों का इलाज होगा । वैसे देखा जाए बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में मरीजों की संख्या को देखते हुए ऐसा लगता है कि शायद ही सभी का इलाज के लिए डाक्टर तक पहुंच पाना और मरीज का एडमिशन करके बेड मिल पाना संभव होगा । बहुत ही मुश्किल का दौर चल रहा है । पहले इतनी आबादी नहीं थी । नहीं हॉस्पिटल पर मरीजों का इतना अधिक लोड ही था । इधर कुछ वर्षों से हर हॉस्पिटल में मरीजों की बाढ़ सी आ गई है । ऐसी सूरत में अगर आबू धाबी के डॉक्टर और महंत आचार्य विवेक दास जी ने ऐसा कदम उठाकर जनमानस के लिए ही नहीं पूरे पूर्वांचल एवं आसपास के कई जिलों के मरीजों का उपचार सरल तरीके से एक बैनर तले उपलब्ध करवाकर करोड़ों लोगों के एकमात्र चहेते बन गए । “सेवा एक ऐसा माध्यम है जो सरलता से ईश्वर तक पहुंचा जा सकता है “।

महंत आचार्य विवेक दास जी का कथन है “अस्पताल में मरीजों के इलाज में पर्स नहीं बल्कि पल्स पर पूरा फोकस होगा।” ” पीड़ित मानवता की सेवा के लिए यह अस्पताल समर्पित है “।अस्पताल निर्माण के लिए अस्पताल समूह के निदेशकों ने मठ से संपर्क किया लेकिन संत कबीर के जीवन दर्शन को मानने वाले डॉक्टर बी आर शेट्टी ने इच्छा जताई तो सहमति बन गई । अस्पताल के लिए सर्वप्रथम सेवा भाव जरूरी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *