February 15, 2026

वनवास से लौटे सिया राम और लक्ष्मण स्वरूपों की मुख्यमंत्री योगी ने की अगवानी

अयोध्या : पुष्पक विमान से अवधपुरी आते सिया, राम और लक्ष्मण, आतुर नयनों से आराध्य की प्रतीक्षा करते हजारों श्रद्धालु, वातावरण में वैसी ही मंगल ध्वनियां, वैसा ही उमंग और उत्साह से भरा मन। धर्मनगरी अयोध्या में त्रेतायुग का यह दृश्य शुक्रवार एक बार फिर जीवंत हो उठा। सरयू तीरे, आस्था का ठीक वैसा ही सैलाब उमड़ा, जैसा त्रेतायुग में 14 वर्ष के वनवास को पूरा कर भगवान श्री राम अयोध्या वापस आगमन पर उमड़ा था। ‘दिव्य दीपोत्सव’ में ‘राम-राम जय राजा राम’ की गगनभेदी जयघोष ने माहौल को राममय कर दिया। तय कार्यक्रम के अनुसार ‘अपराह्न साढ़े तीन बजे चौधरी चरण सिंह घाट पर पुष्पक विमान की आभा लिए हेलीकॉप्टर उतरा। विमान में प्रभु राम, सीता और लक्ष्मण के स्वरूप मौजूद थे।

भगवान के इन प्रतीकात्मक स्वरूपों की अगवानी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ अनेक विशिष्ट जन उपस्थित रहे। भगवान के प्रतीकात्मक स्वरूप विमान से उतरे तो श्रद्धालुओं ने गगनभेदी जयघोष कर अभिनन्दन किया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधिपूर्वक राम लक्ष्मण, भरत शत्रुघ्न, हनुमान, वशिष्ठ आदि के स्वरूपों पर पुष्प वर्षा कर प्रदेशवासियों की ओर से नमन अर्पित क़िया। भगवान राम और भरत मिलाप का प्रेरक कथानक भी यहां साकार हुआ।

मुख्यमंत्री ने सभी का अभिनन्दन कर लोक कल्याण की प्रार्थना की। इसके बाद, रामकथा पार्क में भव्य मंच पर स्वस्ति वाचन और शांति पाठ आदि वैदिक मन्त्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम के स्वरूप का अभिषेक कर युगों पूर्व राम राज्याभिषेक की स्मृतियों को जीवंत कर दिया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित विशिष्ट जनों ने भी सभी देव स्वरूपों का तिलक किया। इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से अनेक संत-महात्माओं को सम्मानित किया गया। रामलला से की लोक कल्याण की कामना: दीपोत्सव के लिए शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले श्री राम जन्मभूमि मन्दिर में विराजमान रामलला के दर्शन कर पंच दिवसीय महापर्व ‘दीपावली’ के अवसर पर रामलला से प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। रामलला के दर्शन के समय मुख्यमंत्री के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टीगणों की उपस्थिति भी रही।

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