August 20, 2026

अभिभावक-शिक्षक संवाद से सुधरेगा शिक्षा का स्तर

वाराणसी, रोहनियां : अभिभावकों और अध्यापकों के बीच लगातार संवाद बने रहने से विद्यार्थी की प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनीटरिंग होती रहती है और विद्यार्थी के अध्ययन का स्तर भी पता लग जाता है। आज के दौर में विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों के बीच नियमित बातचीत न होना शैक्षिणक माहौल को प्रभावित कर रहा है। ज्यादा लंबे समय तक दोनों इकाईयों के बीच रहने वाली संवादहीनता बच्चे के भविष्य के लिए अच्छी नहीं है।
उक्त विचार अभिभावक संघ के अध्यक्ष हरिओम दुबे ने राजातालाब के दीपापुर स्थित सृजन पब्लिक स्कूल में साल के अंत में नए वर्ष के पूर्व संध्या पर आयोजित “प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा के दौर में अभिभावक और अध्यापक” की भूमिका विषयक गोष्ठी में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में कई बदलाव सामने आए हैं। इस दौर में शिक्षकों और अभिभावकों के बीच रिश्ते में भी दूरी बढ़ी है। यह दूरी किसी लिहाज से अच्छी नहीं है। आरटीई सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने कहा कि बच्चों के उज्जवल भविष्य की जिम्मेदारी शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों की भी होती है। अभिभावकों को स्कूलों की निगरानी करना बहुत अहम और जरूरी है, स्कूल की कक्षा के बाद बच्चों की घर पर होने वाली प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखकर उसकी जानकारी विद्यालय को देना अभिभावकों की प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए। सृजन पब्लिक स्कूल की प्रधानाध्यापिका सुनीता सिंह ने कहा कि उनका प्रयास है कि इस ग्रामीण अंचल में इस संस्था के जरिए गुणवत्ता परक एवं स्तरीय शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कारों से बच्चों को सुशोभित करें। प्रबंधक आलोक श्रीवास्तव ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में बीत रहे वर्ष की सफलता को याद कर आगे बढ़ने व दुखद घटनाओं को विस्मृत करते हुए नई दिशा में बढ़ने के लिए शिक्षित एवं संस्कारवान समाज के लिए हम सब अपनी अहम भूमिका निभाने के लिए संकल्पित हुए कार्यक्रम का संचालन आनंद श्रीवास्तव ने किया इस अवसर पर खुशबू चौरसिया, आशीष तिवारी, हाफिज, सुमन पटेल, त्रिलोकी चन्द्र वर्मा, अलका सिंह, रचना प्रसाद, संगीता देवी, सुशील शर्मा, तृप्ति मिश्रा, अजीत, राजेश यादव, सरिता सिंह, नीशु सिंह, पिंकी पटेल, स्तुति पांडे, पुष्पांजलि आदि लोग उपस्थित रहे।

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